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पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र : करियर में सफलता के गढ़ सकते हैं नए आयाम

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पूर्वाषाढ़ा  नक्षत्र : करियर में सफलता के गढ़ सकते हैं नए आयाम
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पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, नक्षत्र मंडल में एक चमकदार सितारा है जिसकी शुभता इसे काफी विशेष बनाती है. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र चक्र में 20वां स्थान पाता है. धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आने से करियर के दृष्टिकोण से ये जातक को काफी बेहतर विकल्प दिलाने में सहायक होता है. इसके अलावा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी ग्रह शुक्र है। करियर ज्योतिष अनुसार राशि स्वामी गुरु और नक्षत्र स्वामी शुक्र का योग व्यक्ति को “बिजनेस और नौकरी” दोनों में सफलता दिलाता है. इस नक्षत्र का स्वामी शुक्र है तो “राशि स्वामी शुक्र” हैं और “करियर ज्योतिष” में इन दोनों ग्रहों की भूमिका व्यक्ति को उन मूलभूत बातों से जोड़ती है जो उसके कार्यक्षेत्र को बेहतर बनाने में उपयोगी होती हैं. आइये जान लेते हैं नौकरी या व्यवसाय कौन से क्षेत्र में बना सकते हैं पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र वाले अपना करियर.

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्मा जातक अपने करियर को लेकर कई बातें सोच सकता है लेकिन उसके लिए कौन सी बातें विशेष अहमियत रख सकती हैं और किन चीजों को ध्यान में रखते हुए वह अपने करियर को बेहतरीन बना सकता है. इन सभी बातों की पड़ताल जातक की “जन्म कुंडली” से होती है.

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में आप कौन सी फील्ड चुन सकते हैं.

या क्या पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्म लेने के कारण मेरे लिए व्यापार करना सही होगा.

नौकरी का योग कब तक होगा.

मेरे लिए कौन सा क्षेत्र नेम फेम दिलाने वाला होगा.

कौन सा नाम मेरे बिजनेस के लिए बेस्ट होगा.

इन सभी बातों की जिज्ञासा को जन्म नक्षत्र की जन्म कुंडली में स्थिति से जान पाना संभव होता है.

जन्म कुंडली में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र से जानें जॉब योग / व्यवसाय योग

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र नौकरी योग या फिर व्यापार योग कहां ले जाएगी किस्मत, इन सभी बातों के लिए आपकी जन्म कुंडली में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के ग्रह स्थिति और “वर्ग कुंडली” में इसके प्रभाव को समझना होता है. उदाहरण के लिए जन्म कुंडली में दशम भाव में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का स्वामी स्वराशिगत होकर विराजमान है “बृहस्पति” का संबंध दशम भाव और लग्न दोनों से बन रहा है और साथ में बुध का युति योग बन रहा है तो ऎसे में व्यक्ति अपना काम शुरू करता है. व्यक्ति किसी एजुकेशनल फर्म को शुरू कर सकता है, आयुर्वेद या एलोपेथी चिकित्सा पद्धति में अपने कारोबार को आरंभ करेगा.

गुरु और शुक्र में से कौन देता है नौकरी में अवसर

करियर ज्योतिष में पूर्वाषाढ़ा के व्यवसाय की बात करें तो इस में उच्च पद का आनंद लेते हैं। कारोबार में अच्छा धन अर्जित करते हैं. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का असर वित्त से संबंधित नौकरियों की ओर आकर्षित करता है. कानूनी सलाहकार के रुप में अपना काम अच्छा रहता है. शेयर मार्किट में अपना काम कर सकते हैं। इस नक्षत्र का प्रभाव मनोरंजन जगत से जोड़ता है. सलाहकार, शिक्षण, वक्तृत्व, दर्शन और मनोचिकित्सक से संबंधित क्षेत्रों में अपना अधिपत्य स्थापित कर सकते हैं. इस नक्षत्र के जातक रचनात्मक कार्यों में व्यवसाय की तलाश काफी अच्छी रहती है.

इस नक्षत्र में गुरु के साथ साथ शुक्र की विशेषताओं का असर नौकरी में दिखाई देता है. इनका करियर जब शुक्र से प्रभावित होती है. जन्म कुंडली में अगर शुक्र चंद्रमा का योग दशम भाव पर बन रहा हो तो सौंदर्य और मनोरंजन से संबंधित कामों की ओर ले जाने वाला होगा. वस्त्र, फूड, या पानी से जुड़े उद्योग में अच्छा करता है. होटल, नर्सिंग और चिकित्सा से संबंधित क्षेत्रों में भी नौकरी मिलती है. अगर बृहस्पति कुंडली में अनुकूल स्थिति में है तो महत्वाकांक्षी होकर काम करता है. नौसेना, समुद्री जीव विज्ञान विशेषज्ञ, मछली पालन, निर्माण के लिए उपयुक्त होते हैं. इन क्षेत्रों में इनके अच्छे पैसे कमाने की संभावना होती है।

अब गुरु या शुक्र कौन देगा अवसर तो इसका निर्णय कुंडली में इन ग्रहों की दशम भाव से स्थिति से ही पता चल पाता है. इसके अलावा पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र इन ग्रहों के साथ संबंध प्रबल रूप में बना रहा है तो व्यक्ति के लिए इन क्षेत्रों में काम करना अधिक बेहतर होता है.

नक्षत्र चरण पद का करियर चयन पर प्रभाव

“पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र पहला चरण” प्रथम चरण का स्वामी सूर्य है और इस चरण में बृहस्पति, शुक्र दोनों का सहयोग भी मिलता है. इस कारण से दवाओं के क्षेत्र में करियर बन सकता है, मार्केटिंग से लेकर लीडरशिप अच्छी होती है.

“पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दूसरा चरण” द्वितीय चरण का स्वामी बुध है और अब गुरु, शुक्र यहां अपना प्रभाव दिखाते हैं इसके चलते ऎसे कला से जुड़े अधिकांश क्षेत्रों में प्रतिष्ठा मिलती है. संचार, अध्ययन, कवि, कहानीकार या अपनी बातों से व्यक्ति धनार्जन करता है.

“पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र तीसरा चरण” तृतीय चरण का स्वामी शुक्र है, अब इस स्थान पर गुरु का सहयोग होने से व्यक्ति को कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, एग्रीकल्चर, डिजाइनिंग, फैशन, मीडिया इन सभी में पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है.

“पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र चौथा चरण” चतुर्थ चरण का स्वामी मंगल है और यहां गुरु, शुक्र का प्रभाव व्यक्ति को रोमांच और जोखिम भरे कामों से जोड़ देता है. एनजीओ, सुरक्षा सेना प्रमुख, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कामों में भागीदारी, विशेषज्ञ होने का गुण भी मिलता है.

इस तरह से पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के भीतर बहुत सी ऐसी बातें और जो आपके करियर के लिए खास बनती हैं आपके रुझान को पैदा करती हैं. अगर आप पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र से प्रभावित हैं और जानना चाहते हैं की कौन सी नौकरी आपके लिए सबसे अच्छे अवसर देने में सहयोग करेगी तो इसके लिए जरूरी है कि जन्म कुंडली का विश्लेषण किया जाए और उसके अनुसार अपने कार्यक्षेत्र को चुना जाए. “करियर चयन” के लिए आवश्यक है एक योग्य “ज्योतिषी मार्गदर्शन” जो देता है आपको अपने करियर से जुड़े हर प्रश्न का उत्तर और योग्य सलाह.

किसी भी विशिष्ट मुद्दे के लिए, मेरे कार्यालय @ +91 9999113366 से संपर्क करें। भगवान आपको एक खुशहाल जीवन आनंद प्रदान करें।

Source: https://kundlihindi.com/blog/purvashada-nakshatra/